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890 ग्राम की नवजात को मिला जीवनदान, 31 दिन बाद जिला अस्पताल मंडला से डिस्चार्ज

अस्पताल मंडला की *स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू)* में मात्र **890 ग्राम वजन की नवजात बच्ची को 31 दिनों के गहन उपचार के बाद जीवनदान मिला है**। यह बच्ची जुजिलाड़वां बच्चों में से एक थी

FB IMG 1758188090244FB IMG 1758188093363Mandla Gov.hospital News :– मंडला अस्पताल मंडला की *स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू)* में मात्र **890 ग्राम वजन की नवजात बच्ची को 31 दिनों के गहन उपचार के बाद जीवनदान मिला है**। यह बच्ची जुजिलाड़वां बच्चों में से एक थी, जिसकी डिलीवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मवई में हुई थी। जन्म के समय बच्ची का वजन मात्र 890 ग्राम था, जबकि उसके भाई का वजन 1 किलो 640 ग्राम था।

जन्म के समय बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी, जो शिशु रोग विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। उसे जीवनदान देने के लिए **25 घंटे वेंटिलेटर और 42 घंटे सीपीएपी मशीन** के सहारे रखा गया। शुरूआत में उसे नली के माध्यम से दूध पिलाया गया तथा *कंगारू मदर केयर* भी दी गई, जिससे बच्ची की सेहत में धीरे-धीरे सुधार होने लगा।

**शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित चौरसिया**, एसएनसीयू यूनिट की नर्सिंग टीम एवं सपोर्ट स्टाफ की निरंतर निगरानी और मेहनत से यह प्रयास सफल रहा। **31 दिनों के उपचार के बाद जब बच्ची को डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन बढ़कर 1.280 किलोग्राम हो चुका था।**

डॉ. अंकित चौरसिया ने बताया कि **एसएनसीयू एक विशेष इकाई है जहां गंभीर अवस्था वाले नवजात शिशुओं की गहन निगरानी की जाती है।** उन्होंने कहा कि स्टाफ नर्सों की समर्पित देखभाल और चिकित्सकों की सतत मॉनिटरिंग से ही बच्ची को बचाया जा सका।

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